जो लोग पैरों की तकलीफ से परेशान रहते हैं, उन्हें अपने दिमाग की जांच करानी चाहिए। न्यूरो साइंसिज रिसर्च आस्ट्रेलिया के एक शोध अध्ययन के मुताबिक दिमागी गड़बड़ी से पैरों में तकलीफ हो सकती है। शोध के अनुसार शारीरिक गतिविधियों का नियंत्रण दिमाग से होता है। जब दिमाग का यह भाग काम करना बंद कर देता है तब पैरों में पीड़ा, उत्तेजना एवं तकलीफ होती है। बीस व्यक्तियों में से एक व्यक्ति इस तरह की तकलीफ से परेशान रहता है। ऐसे लोग रात को ठीक प्रकार से सो नहीं पाते हैं। यह परेशानी वंशानुगत रूप से आगे चलती रहती है।-Date: 2/27/2012 9:01:40 PM, Punjab Kesri
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