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Wednesday, 8 February 2012

पहले पुरुष ही क्यों कहते हैं, ‘‘मैं तुमसे प्यार करता हूं’’ "आईलवयू"

पहले पुरुष ही क्यों कहते हैं, ‘‘मैं तुमसे प्यार करता हूं’’
२९.०१.१२
क्या कभी आपको इस बात को लेकर आश्चर्य हुआ है कि पहले पुरुष ही क्यों महिला से कहते हैं, ‘‘मैं तुमसे प्यार करता हूं।’’ इसकी वजह है कि पुरुष अपनी बात बिना किसी लाग-लपेट के रखते हैं। पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवॢसटी के अनुसंधानकत्र्ताओं ने कहा, ‘‘यौन जरूरतों को पूरा करने वाली कोई भी रणनीति पुरुषों के लिए लाभकारी है और इसमें प्रेम की घोषणा भी शामिल है। ’’
इन अनुसंधानकत्र्ताओं ने अपने इस अध्ययन के लिए 25 वर्ष से कम उम्र के 171 युवक-युवतियोंं से बातचीत की। हालांकि 87 फीसदी लोगों ने कहा कि वे मानते हैं पहले महिलाएं ही प्यार में पड़ती हैं।
पुरुषों ने कहा कि उन्हें यह समझने में महज कुछ सप्ताह लगे कि वे प्यार में फंस गए हैं जबकि महिलाओं ने कहा कि ऐसा एहसास होने में कुछ महीने लगे। फिर उनमें यौनेच्छा जागती है।-पंजाब केसरी

लड़के तपाक से बोलते हैं- आई लव यू
३१.०१.१२ 
एक अध्ययन के मुताबिक लड़कों की तुलना में लड़कियां प्यार हो जाने के बाद भी आई लव यू बोलने से परहेज करती हैं.
अमरीका के पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी में इस विषय पर शोध किया गया कि आख़िर लड़कियां क्यों आई लव यू नहीं बोल पाती हैं.
तो नतीजा निकला कि लड़कियां पहले निश्चिंत होना चाहती हैं कि प्यार किस मोड़ पर है, दूसरी ओर लड़के सेक्स के नज़दीक पहुंचने के लिए तुरंत आई लव यू बोल देते हैं.
जबकि अध्ययन के मुताबिक प्यार का एहसास सबसे पहले लड़कियों के दिल में पनपता है. जिन 171 लड़के लड़कियों पर सर्वे किया गया उनमें से 87 फीसदी का कहना था कि लड़कियां प्यार की शुरुआत करती हैं, लेकिन इसका इजहार करने से पहले सोचती हैं.
इसमें सेक्स की भावना भी अहम है. प्यार के बाद लड़के जहां हफ्ते भर के भीतर ही शारीरिक संबंध बनाने के लिए उत्सुक हो जाते हैं, वहीं लड़कियों को इसके लिए मानसिक तौर पर तैयार होने में महीनों लग जाते हैं.
सर्वे में शामिल 64 फीसदी लड़कों ने माना कि उन्होंने सबसे पहले अपने पार्टनर को आई लव यू कहा, जबकि पहले ये बोलने वाली लड़कियों का प्रतिशत सिर्फ 18 था|

रिश्ते टूटने पर पुरुष होते है अधिक आहत!


लंदन, 10 जून २०१० | पुरुष महिलाओं से बलशाली और बहादुर चाहे नजर आयें लेकिन रिश्तों में दरार आने अथवा टूटने पर उन्हें अधिक तकलीफ होती है. अमेरिका में वाके फोरेस्ट यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि किसी महिला से संबंधों में खटास आने पर युवा पुरुष के दिलोदिमाग पर जबर्दस्त असर पड़ता है.

वजह यह है कि महिलायें जहां अपने तनाव को मित्रों में साझा कर लेती है वहीं पुरुष भीतर ही भीतर घुटने लगता है और नकारात्मक सोच उसके जेहन में घर कर जाती है. नतीजनतन वह शराब जैसी लत का दामन पकड़ लेता है.

अध्ययन के नेता प्रोफेसर रॉबिन शिमन ने स्वीकार किया कि वह नतीजों को देखकर हैरत में पड़ गयीं क्योंकि आम सोच यह थी कि रिश्तों में भावात्मक उथलपुथल की शिकार महिलायें जल्द हो जाती है. डेली मेल ने उनके हवाले से कहा ‘आश्चर्य हुआ यह जानकर कि रिश्तों में उतार चढ़ाव का युवकों पर अधिक प्रतिक्रिया होती है.’ लेकिन अगर रोमांस सही चल रहा है तो पुरुष अधिक लाभान्वित रहता है.

सर्वेक्षण 1000 अवैवाहिक युवक युवतियों पर किया गया जिनकी उम्र 18 से 23 साल के बीच थी. शिमन ने कहा कि सर्वेक्षण से यह बात सामने आयी कि युवक बहुत कम लोगों में विश्वास करते हैं जबकि महिलायें अपने परिजनों और मित्रों के साथ अधिक करीबी संबंध रखती हैं. इसकी एक वजह युवकों में पहचान और आत्मसम्मान की अधिक भावना भी है.

उनके अनुसार एक तथ्य यह है कि पुरुष और महिला अलग-अलग तरीके से भावनाओं को अभिव्यक्त करते हैं. ‘महिलाओं में भावात्मक पीड़ा अवसाद में झलकती है जबकि पुरुषों में यह ठोस समस्यायें लेकर सामने आती है.’ मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे अध्ययन और प्रौढ़ होने की प्रक्रिया पर किया गया यह अध्ययन हेल्थ एण्ड सोशल बिहेवियर नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.